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13 जनवरी को कृषि कानूनों की कॉपी जलाकर लोहड़ी मनाएंगे

सरकार द्वारा लागू किए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान और सरकार के बीच आर पार की लड़ाई चल रही है। ये लड़ाई करीब तीन महीनों से चल रही है। कई बार किसानों के ऊपर सरकारी तंत्र की मार पड़ी। कभी उनपर आंसू गैस के गोले दागे जाते हैं। तो कभी पुलिस की लाठियां देश के इन अन्न दाताओं को खानी पड़ी। किसानों का तर्क है कि इन कानूनों के कारण किसान बर्बाद हो जाएगा। जबकि दूसरी ओर सरकार ये कह रही है कि इन कानूनों से देश के किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। 

अब कौन सच है कौन झूठ इस बात का फैसला तो भविष्य के गर्भ में है। अब किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन करते हुए पूरे 40 दिन का समय बीत चुका है। आज का दिन किसानों के लिए अहम है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज किसानों और सरकार के बीच 8वें दौर की बातचीत चलेगी। सरकार इस बात पर नजरें टिकाए बैठी है कि शायद आज इस मसले का कोई हल निकल आए। 
किसान अपना आंदोलन आज शायद खत्म कर दें।

वहीं अगर बात की जाए किसानों की, तो किसान संगठनों का रफ़ख पहले ही स्पष्ट है। आज अगर सरकार ने इनकी बात नहीं मानी तो आंदोलन और तेज़ होगा। किसान नेता का कहना है कि अगर बातचीत विफल रही तो 13 जनवरी को कृषी कानूनों की कॉपी जलाकर लोहड़ी मनाएंगे।

आपको बता दें कि किसानों के आंदोलन को हरियाणा और पंजाब से दोतरफा समर्थन मिल रहा है। किसानों ने पंजाब स्थित करीब 1500 जियो टावरों को नुकसान पहुंचाया था। अब रिलायंस ने सोमवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है। 

कंपनी ने कहा कि ऐसे हिंसक कामों से हजारों कर्मचारियों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। साथ ही कम्युनिकेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा है। किसान मजदूर संघर्ष समिति, पंजाब के जॉइंट सेक्रेटरी ने कहा है कि कृषि मांग नहीं मानी तो 6 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे।

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता का कहना है कि सरकार को स्वामीनाथन कमीशन की रिपोर्ट लागू करनी चाहिए। साथ ही एमएसपी पर नया कानूना बनाना चाहिए। अब उम्मीद जताई जा रही है कि आज की बैठक में कोई न कोई हल जरूर निकलेगा। आपकी इस बारे में क्या राय है हमें कमेंट करके जरूर बताएं। साथ ही हमारे चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें। वीडियो को अंत तक देखने के लिए थैंक्स। बने रहिए हमारे चैनल हरियाणा मीडिया न्यूज़ के साथ।

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