किसानों ने जारी की आंदोलन की डेटशीट
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किसानों को तारीख पर तारीख, मिल रही है।
इसका हल निकलने की, उम्मीद नहीं दिख रही है।।
सड़कों पर बिस्तरा बिछाने को मजबूर हुए किसान।
दिल्ली बॉर्डर पर दिख रहा, एक नया ‘हिन्दुस्तान’।।

केंद्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार को किसान विरोधी बताते हुए सभी अन्नदाता एकजुट हो गए हैं। इन सबका एक स्वर में यही मानना है कि  इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए बिना वो यहां से नहीं हटेंगे।

सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर लगातार जारी है। वहीं किसानों की मानें तो सरकार की मनशा ये है कि मीटिंग का ढोंग करके किसी भी तरह इस आंदोलन को लंबा खींचा जाए।
किसानों के अनुसार सरकार ऐसा इसलिए कर रही है ताकि ठंड और बारिश की मार झेल रहे ये किसान अपने आप ही यहां से चले जाएं। लगातार बातचीत के बाद भी सरकार कोई हल नहीं निकाल रही है। किसानों के तेवर तल्ख हो गए हैं।

चलिए आपको बताते हैं कि किसानों की क्या रणनीति है? क्योंकि अब किसानों को ये लगने लगा है कि जब तक किसान आंदोलन को और तेज़ नहीं किया जाएगा तब तक कोई हल नहीं निकलेगा। चाहे कितनी भी बैठकें हो जाएं। जैसे इन दिनों सरकारी नौकरी के लिए एग्ज़ाम्स की डेटशीट आ गई है। उसी तरह अब किसानों ने भी अपनी डेटशीट तैयार कर ली है।

सबसे पहले किसानों ने ये डिसाइड किया है कि ट्रैक्टर मार्च का आयोजन किया जाएगा। भाई साब, अब तो सरकार का गिरना तय समझिए। ऐसा हम किसानों की तैयारी को देखते हुए कह रहे हैं।

किसानों का ये प्लान है कि ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने के लिए हर गांव से, हर घर से एक-एक सदस्य ट्रैक्टर लेकर जाएंगे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे पर डेरा जमाएंगे। हरियाणा में करीब 7 हजार गांव हैं। यानी सड़कों पर एक साथ नजर आएंगे 7000 ट्रैक्टर। अब जाहिर सी बात है कि ऐसे में ट्रैफिक को कंट्रोल करना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर साबित होगा।

8 जनवरी को फिर बैठक
जैसे सनी देवल की फिल्म में डायलॉग था तारीख पर तारीख। वही डायलॉग सरकार पर फिट बैठ रहा है।
इतनी बार बैठकें हुईं लेकिन कोई हल नहीं निकला। किसानों को सरकार ने एक और तारीख दे दी है बैठक के लिए। वो है 8 जनवरी की। देखते हैं कि इस बैठक में कौन कितना बड़ा तीर मारती है?
13 जनवरी को लोहड़ी कार्यक्रम
इसके अलावा किसानों की डेटशीट में 13 जनवरी को लोहड़ी मनाना भी शामिल है। ये लोहड़ी आम नहीं बल्कि खास होगी। इसमें किसान कृषि कानूनों की कॉपियां जलाएंगे।
15 जनवरी:
किसानों ने ये डिसाइड किया है कि भाजपा के नेताओं का घेराव किया जाएगा।
इसके साथ ही किसानों ने सरकार को घेरने का एक और प्लान बनाया है। सभी किसान जो ओडिशा के शाहपुर बॉर्डर पर हैं वो दिल्ली कूच करेंगे। प्लान के मुताबिक करीब 1000 किसान दिल्ली बॉर्डर पर धरने को समर्थन देने पहुंचेंगे।  
23 जनवरी: राजभवन मार्च
किसानों ने ये भी प्लान बनाया है कि 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर हर राज्य में राजभवन का घेराव किया जाएगा।
26 जनवरी: राजभवन मार्च
किसानों की प्लानिंग ये है कि 26 जनवरी को पूरा देश दिल्ली के लाल किले में गणतंत्र दिवस की परेड देख रहा होगा तो उसी दिन किसान भी किसान परेड निकालेंगे।
ये बोले कृषि मंत्री
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमें देशभर के बाकी राज्यों के किसानों से भी बात करनी होगी।
सरकार किसानों का हित चाहती है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों के किसान इन कानूनों का समर्थन कर रहे हैं। उन किसानों से बात करके ही कोई हल निकलेगा।
देश और दुनिया की पल पल की अपडेट्स जानने के लिए देखते रहिए हरियाणा मीडिया न्यूज़।

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