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प्रदेश में नेशनल हाईवे और सभी स्टेट हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर पुलिस तैनात होगी, जो सर्दी और धुंध के मौसम में होने वाले हादसों पर लगाम लगाएगी। साथ ही पुलिस की पेट्रोलिंग भी बढ़ेगी, जो यह तय करेगी कि कहीं भी सड़क पर खड़े वाहन हादसे का कारण न बनें। क्योंकि इन दिनों में प्रदेश मे रोजाना होने वाले हादसों में सबसे बड़ी वजह सड़कों पर खड़े वाहन और सड़क की खामी ही सामने आ रही है। आईजी ट्रैफिक एंड हाईवे डॉ. राजश्री सिंह ने इसके लिए प्रदेश के सभी डीसी और एसपी को निर्देश जारी किए हैं।

वर्ष 2020 में अब तक प्रदेश में 7452 हादसों में 3520 लोगों ने जान गंवाई है। इनमें से 571 हादसे करनाल जिले में हुए हैं, जिनमें 304 लोगों की मौत हुई। मौत का यह आंकड़ा कम हो, इसलिए अब सतर्कता इंतजाम बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, सड़कों की खामियां दूर करने के लिए भी संबंधित विभागों से कहा गया है।

ट्रैफिक पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार, इस वर्ष हुए हादसों में काफी मामलों में चालक नशे की हालत में भी पाया गया। ऐसे में पुलिस नशे में गाड़ी चलाने वालों पर भी सख्ती बढ़ाएगी। इसके अलावा सभी स्टेट हाईवे पर ऐसे मोड़ जहां पर हरियाली ज्यादा है, वहां पेड़ों की ट्रीमिंग करनी होगी, ताकि दूसरी दिशा से आ रहे वाहन का चालक को पता चले। रोड सेफ्टी विशेषज्ञ तेजपाल और एडवोकेट संदीप राणा के अनुसार, ऐसे हादसे सड़क की खामी की वजह से होते हैं।

करनाल में एनएच पर 11 और स्टेट हाईवे पर 20 ब्लैक स्पॉट

करनाल जिले में नेशनल हाईवे-44 पर पानीपत से कुरुक्षेत्र सीमा तक 45 किलोमीटर के रास्ते में 11 और करनाल-कैथल, करनाल-इंद्री सहित अन्य स्टेट हाईवे पर 20 से ज्यादा जगह ब्लैक स्पॉट हैं, जहां रोजाना कोई न कोई हादसा होता है। एनएच पर मधुबन कांप्लेक्स पक्का पुल और कर्ण लेक पुल की चौड़ाई कम होने के कारण ब्लैक स्पॉट हैं, क्योंकि यहां वाहन गलत दिशा में आने से हादसे होते हैं।

जिले बताएं कहां क्या सुधार करने की जरूरत…

सभी जिलों को सड़क सुरक्षा की दिशा में कार्य करने के लिए कहा गया है। यह भी पूछा गया है कि कहां ज्यादा हादसे होते हैं और उनका क्या कारण है। यहां सुधार के लिए क्या इंतजाम हो सकते हैं, ताकि ब्लैक स्पॉट को खत्म करने का स्थायी इंतजाम हो सके। सभी हाईवे पर पुलिस के अलावा एंबुलेंस की तैनाती जरूरी है, ताकि हादसा होने पर घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके।

-डॉ. राजश्री सिंह, आईजी ट्रैफिक एंड हाईवे।

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